सोनो प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत विद्यालय अवधि में धड़ल्ले से होता है कोचिंग का संचालन, जिम्मेदार बने हैं उदासीन

जमुई से सरोज कुमार दुबे की रिपोर्ट

सरकार द्वारा जारी कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाते सोनो के कोचिंग संस्थानों में इन दिनों जो तस्वीर दिख रही है, वह सच में डराने वाली है। ऐसे में तब जब कोरोना के तीसरी लहर की आने की आशंका व्यक्त की जा रही है। न मास्क और न ही शरीरिक दूरी का ख्याल, कोचिंग संस्थानों में छात्र-छात्राओं की भीड़ है। इतना ही नहीं बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे इन कोचिंग संस्थानों का संचालन विद्यालय अवधि में ही किया जा रहा है। इससे विद्यालयों में भी छात्रों की उपस्थिति प्रभावित हो रही है। विद्यालय पोशाक में कोचिंग संस्थानों में विद्यालय अवधि में ही बच्चों को देखा जा सकता है,जो विद्यालय प्रबंधन पर भी सवालिया निशान खड़ा करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालय प्रबंधन की मिलीभगत से विद्यालय अवधि में कोचिंग संस्थानों का संचालन हो रहा है। गौरतलब हो कि अनलॉक छह में कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए 50 फ़ीसदी उपस्थिति के साथ सरकार ने कोचिंग संस्थानों के संचालन की अनुमति दी है, लेकिन सोनो के कोचिंग संस्थानों में नियमों का उल्लंघन कर कोचिंग संचालकों द्वारा सेंटर चलाए जा रहे हैं। यहां छात्र छात्राओं के साथ ही शिक्षकों द्वारा न तो मास्क का प्रयोग किया जा रहा है ना ही सामाजिक दूरी का ख्याल रखा जा रहा है। इस बाबत बीडीओ ने बताया कि
मामले की जानकारी मिली है। मानकों को ताक पर रखकर बिना निबंधन के चल रहे ऐसे कोचिंग संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए टीम का गठन किया गया है।

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