नीतीश सरकार के पन्द्रह साल, बिहार बेहाल, नौकरशाह माफिया मालामाल परिस्थितियों का कमाल

गया में अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सदस्य सह क्षेत्रीय प्रवक्ता बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी प्रो विजय कुमार मिठू, पूर्व सांसद रंजीत सिंह उर्फ रंग बाबू, पूर्व विधायक डॉ युगल किशोर प्रसाद, मो खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष युगल किशोर सिंह, राम प्रमोद सिंह, जिला महासचिव विद्या शर्मा, अमरजीत कुमार, टिंकू गिरी, ओंकार नाथ सिंह, सुभाष चन्द्र, विनोद उपाध्याय, राजेश्वर पासवान, सुरेन्द्र मांझी, अरुण कुमार पासवान आदि ने कहा कि नीतीश सरकार के पन्द्रह वर्ष के कार्यकाल में बिहार बेहाल है, नौकरशाह, माफिया मालामाल है, यही परिस्थितियों का सरकार है, वाली जुमला शत, प्रतिशत सटीक बैठता है।नेताओं ने कहा की नीतीश कुमार जी की बिहार में शुरुआती राजनीत * लालू _ नीतीश * यानी * चंद्रगुप्त _ चाणक्य * के रूप में सूबे में प्रचलित होने के बाद जब नीतीश जी की महत्वकांछा पूरी नहीं हुई तो लगभग दस वर्षो तक * लालू विरोध * की गाथा यानी नेगेटिव वोट को एकजुट कर भाजपा के सहारे 2005 में बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में सत्तासीन हो कर, विगत अपने पंद्रह साल के कार्यकाल में बिहार की जनता को वही लालू विरोध, जंगल राज का डर दिखा कर, अपनी नाकामियों का ठीकरा लालू _ राबड़ी सरकार के माथे फोड़ कर, कागजी विकास का ब्योरा प्रस्तुत कर, नौकरशाह की तूती बोलवा कर, माफियाओं के चंगुल में बिहार को फंसा कर, केंद्र के पैसे पर चेहरा चमका कर, नीति आयोग के सभी पैमानों, सवेक्षणो में बिहार को देश के सबसे निचले पायदान पर पहुंचा कर, राज्य में पूरी तरह फेल शराबबंदी, बाल विवाह, दहेजबंदी फलाप करा कर, पलटू राम, कुर्सी कुमार का तगमा हासिल कर भाजपा पोषित मुख्यमंत्री बन कर ऐन, केन प्रकार सत्ता पर काबिज है। नेताओं ने कहा की बिहार में बेरोजगारी चरम पर है,रोजगार के लिए दिन, रात पलायन जारी है,लाखो, लाख सरकारी पद खाली है, सभी प्रकार के परीक्षाओं में धांधली, भ्रष्टाचार निरंतर जारी है, परीक्षाफल वर्षो से लंबित है। नेताओं ने कहा की पंद्रह साल में बिहार के सामाजिक ढांचा को वोट बैंक बनाने के चक्कर में सभी वर्गो, जातियों को कई भागों में तोड़ने, राज्य के प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक, उच्च, शिक्षा में भारी अनियमितता, भ्रष्टाचार , घोटाला मामले नित्य दिन उजागर होने, सैकड़ों घोटाले उजागर होने के बाद भी उसे जांच कराने, पकड़ने आदि के कोरा आश्वाशन के बाद ठंडे बस्ते में डाल देने आदि किसी से छिपी नहीं है।

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