Dhanbad:दाने-दाने को मोहताज राष्ट्रीय पैरा एथलीट दिव्यांग अजय पासवान ने उपायुक्त से लगायी नियोजन कि गुहार 2014 में रह चुके गोल्ड मेडलिस्ट


धनबाद हाथों में लहराते ये मेडल इस बात का गवाह है कि इस दिव्यांग खिलाड़ी ने खेल के क्षेत्र में अपने जिले और राज्य सहित अपने देश का नाम रोशन करने में अपनी पूरी मेहनत लगाई है। दुर्भाग्य है कि आज यह खिलाड़ी आर्थिक तंगी के कारण आगे के खेल प्रतियोगिताओं में भाग ले पाने में अक्षम है। शुक्रवार को यह दिव्यांग राष्ट्रीय पैरा एथलीट  कतरास मलकेरा 4 नं निवासी अजय कुमार पासवान उपायुक्त से गुहार लगाने समाहरणालय पहुँचा। उपायुक्त को दिए ज्ञापन में अजय पासवान ने बताया कि वह अति निर्धन है। सरकार से पेंशन राशि प्रतिमाह 1000 रु दिया जाता है जोकि ना काफी है। घर की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि विवश होकर प्राप्त मेडल बेचने को मजबूर है। पिता टीबी जैसे गम्भीर बीमारी से ग्रसित है।घर चलाने के लिए कोई कमाऊ सदस्य नही है। घर भी काफी जर्जर हालत में है। अजय पासवान ने उपायुक्त को दिए ज्ञापन में नियोजन की मांग की है। दिव्यांग अजय बोलने में भी असमर्थ है। अजय के साथ उपायुक्त कार्यालय आयी उनकी बहन ने बताया अजय राज्य एवं राष्ट्रीय स्तरीय पैरा एथलेटिक्स चैम्पियन शिप में प्रतिनिधित्व कर चुका है जिसमें उसने दो दर्जन से अधिक मेडल जीते है। वर्ष 2017 में अंतराष्ट्रीय स्तरीय खेल प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु बेलारूस जाने का भी अवसर मिला पर पैसे के अभाव में नही जा सका। इस वजह से अजय को एक बड़ी प्रतियोगिता से हाथ धोना पड़ा। अजय 2014 में दुमका , टाटा जमशेदपुर में गोल्ड मेडल जीता। पटना , उत्तर प्रदेश , दिल्ली , शिमला , गुजरात मे सिल्वर , हरियाणा में कांस्य सहित देश के अन्य राज्यों से भी 100 , 200 ,, 400 मीटर की दौड़ में भाग लेकर गोल्ड , सिल्वर एवं कांस्य पदक जीत चुके है। कही से भी इन्हें सहयोग नही मिल रहा है। घर की स्थिति बद से बदत्तर हो गई है।

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