जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रखंड अध्यक्ष बने मौलाना इफ्तेखार-उल-हसन क़ासमी





हजारीबाग। जमीयत उलेमा-ए-हिंद की एक अहम बैठक इस बैठक में मौलाना शकीलुर्रहमान व मुफ्ती सनाउल्लाह क़ासमी के निगरानी में की गई। बैठक में जमीयत उलेमा-ए-हिंद का विस्तार करते हुए कटकमसांडी प्रखंड कमिटी गठित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से मौलाना इफ्तेखार-उल-हसन क़ासमी को कटकमसांडी प्रखंड अध्यक्ष के तौर पर मनोनीत किया गया। वहीं उपाध्यक्ष मौलाना मोहम्मद मूसा व मौलाना नफीस-उल-क़ासमी, सचिव मौलाना मोहम्मद ज़करिया, उप सचिव मौलाना मोहम्मद उसामा, क़ारी मोहम्मद मुस्तकीम व अबु तलहा हाशमी, मीडिया प्रभारी अनरूल होदा, कोषाध्यक्ष हाफ़िज़ मोहम्मद एहसान बनाए गए। कमिटी गठन के बाद मौलाना शकीलुर्रहमान ने कहा कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद जाति व मज़हब का भेदभाव किए बिना समाज की बेहतरी के लिए काम करती आई है। इसलिए चूने हुए कमिटी के पदाधिकारियों व सदस्यों को अब चाहिए कि इसे ध्यान में रखते हुए बारी बारी से सभी गांवों के ज़िम्मेदारों से मिलकर सामाजिक सद्भावना के मद्देनजर गुफ्तगू की जाए और उन्हीं के मदद से विभिन्न गांवों में फैली बुराइयों को दूर करने की पहल करते हुए इस ओर तेजी से कदम बढ़ाए जाए ताकि एक बेहतर समाज के निर्माण की कोशिश को कामयाब बनाया जा सके। हजारीबाग काज़ी-ए-शरियत मुफ्ती सनाउल्लाह क़ासमी ने कहा कि शरीर के विभिन्न हिस्से अलग होते हुए भी एक दूसरे के सहायक हैं, उसी तरह हमें समाज के हर हिस्से और तबके के लोगों की मदद से बेहतर समाज के निर्माण में अपना योगदान देना होगा। तभी एक सार्थक समाज की कल्पना को साकार किया जा सकता है। आखिर में मौलाना शकीलुर्रहमान के द्वारा कराए गए दुआ के बाद बैठक समाप्त हुआ। बैठक में मौलाना इकराम-उल-हक, मौलाना अब्दुल्लाह, मौलाना अजीम-उद-दीन, मौलाना खलील, हाफिज मोहम्मद अयूब, मौलाना अबू तल्हा, अल-तमश कासमी, हाफिज मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद शमशाद, हाफिज बहाउद्दीन, मास्टर अताउल्लाह, मास्टर खालिद, मास्टर समीर, शहज़ाद, जफीरुद्दीन उर्फ बब्लू, मोहम्मद आदिल सहित कई लोग मौजूद थे।

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