झारखण्ड:राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर स्वास्थ्य विभाग की उपलब्धि 13 लाख 68 हजार 313 को लगा प्रथम व 7 लाख 68 हजार 418 को लगा वैक्सीन का द्वितीय डोज 11 लाख 93 हजार 418 कोविड टेस्टिंग कैंप आयोजित

25 दिसंबर तक 21,36,731 का हुआ वैक्सीनेशन कोविड संक्रमितों के इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में 1069 व निजी अस्पताल में 590 बेड है तैयार

जिले की रिकवरी रेट 98%

विगत दो वर्षों में वैश्विक महामारी कोविड-19 की प्रथम व द्वितीय लहर का सामना करने तथा संक्रमितों का उपचार करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मुकम्मल तैयारियां की। संक्रमितों के इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में 1069 व निजी अस्पताल में 590 बेड तैयार किए।कोविड-19 संक्रमितों की पहचान कर अन्य लोगों को इसकी चपेट में आने से बचाने के लिए विभाग ने 11 लाख 93 हजार 418 कोविड टेस्टिंग कैंप का आयोजन कोविड-19 की प्रथम व द्वितीय लहर में किया। प्रतिदिन आरटी-पीसीआर, ट्रूनेट व आरएटी टेस्ट लगातार किए जा रहे हैं। टेस्ट का प्रतिमाह औसत लगभग 3.80 लाख से अधिक रहा। संक्रमित की पहचान करने के लिए विभिन्न हॉट-स्पॉट तथा अन्य क्षेत्रों में 6 मोबाइल टीम द्वारा लगातार टेस्टिंग अभियान जारी है। जिस कारण कोविड-19 की प्रथम व द्वितीय लहर में संक्रमितों की रिकवरी रेट 98% रही।अन्य जिलों या राज्यों से धनबाद जिले में प्रवेश करने वाले लोगों के लिए धनबाद रेलवे स्टेशन तथा जिले की सीमा पर लगातार टेस्टिंग अभियान जारी है। जहां प्रतिदिन औसत 3000 लोगों की टेस्टिंग की जाती है।संक्रमितों को निर्बाध ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के लिए सदर अस्पताल में दो तथा शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) में एक-एक पीएसए ऑक्सीजन प्लांट कार्यरत है। वहीं सदर अस्पताल में एक तथा एसएनएमएमसीएच में दो पीएसए ऑक्सीजन प्लांट का कार्य प्रगति पर है।

13,68,313 को लगा प्रथम व 7,68,418 को लगा वैक्सीन का द्वितीय डोज

लोगों को कोविड-19 से सुरक्षित रखने के लिए जिले के 1368313 लोगों को वैक्सीन का प्रथम डोज तथा 768418 लोगों को वैक्सीन का दूसरा डोज सफलतापूर्वक दिया गया है। इस प्रकार 70% लोगों को वैक्सीन का प्रथम डोज व 40% लोगों को वैक्सीन का द्वितीय डोज दिया गया। 25 दिसंबर 2021 तक कुल 21,36,731 लोगों को वैक्सीन का डोज दिया गया।ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण को रोकने के लिए एसएआरआई तथा आईएलआई सर्वे किया गया। वैश्विक महामारी की द्वितीय लहर में लगातार 15 दिनों तक सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में टीम द्वारा सर्वे अभियान जारी रहा।

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