लाभकारी दवाओं की खोज के लिए, सीयूएसबी का वास्तु बिहार बायोटेक के साथ करार





गया राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) – 2020 को अपने पाठ्यक्रम में अपनाने की दिशा में एक पहल करते हुए, दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) ने शुक्रवार, 10 दिसंबर, 2021 को वास्तु बिहार बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इंटर इंस्टीट्यूशनल – उद्योग सहकारिता के अंतर्गत सीयूएसबी के कुलपति प्रो० कामेश्वर नाथ सिंह और विनय कुमार तिवारी, मुख्य प्रबंध निदेशक सीएमडी संबोधि रिट्रीट, बोधगया ने साझेदारी के दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए गए हैं । सीयूएसबी की परीक्षा नियंत्रक (सीओई) रश्मि त्रिपाठी ने भी रजिस्ट्रार (प्रभारी) के रूप में विश्वविद्यालय और वीवी बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड के साथ हुए सहयोग दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए गए हैं। एमओयू हस्ताक्षर समारोह में मंच पर सीयूएसबी बायोटेक विभाग के पूर्व-अध्यक्ष, प्रो. रिजवानुल हक भी उपस्थित थे जिन्होंने वीवी बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड के साथ अकादमिक-उद्योग साझेदारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है |
सीयूएसबी के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने कहा कि आज विश्वविद्यालय के इतिहास में एक बड़ा ही महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि हमने एनईपी-2020 के प्रावधानों को संभव बनाने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाया है। एनईपी-2020 के एक वर्ष पूरा होने पर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के 29 जुलाई, 2021 के भाषण से प्रेरणा लेते हुए, विश्वविद्यालय अकादमिक-उद्योग साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में कड़ी मेहनत कर रहा है। यह अपनी तरह की पहली साझेदारी है जिसमें सीयूएसबी गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और नवाचार करने जा रहा है। मैं हमेशा विश्वविद्यालय के क्षैतिज विकास और बड़े स्तर पर समुदाय और राष्ट्र के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान देने में विश्वास करता हूं। मैं इस एमओयू को सार्थक बनाने के लिए प्रो. रिजवानुल हक, विभागाध्यक्ष प्रो. डी.वी. सिंह और बायोटेक्नोलॉजी विभाग के समर्पित संकाय सदस्यों के प्रयासों की सराहना करता हूं। मुझे उम्मीद है कि वीवी बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड के साथ हाथ मिलकर हम इस क्षेत्र में उल्लेखनीय और उपयोगी आविष्कार करने में सक्षम होंगे जो समाज और राष्ट्र के लिए फायदेमंद होगा।
इसका ओपचारिक उद्घाटन के बाद विनय कुमार तिवारी ने वास्तु विहार बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड के क्रियाकलापों को सभागार में उपस्थित दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया गया है | उन्होंने विभिन्न रोगों के लिए दवा डिजाइनिंग सहित जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के बारे में विस्तार से बताया है। तिवारी बायोटेक्नोलॉजी, टॉक्सिकोलॉजी और अन्य संबंधित क्षेत्रों में गुणवत्ता अनुसंधान करने के लिए सीयूएसबी के साथ हाथ मिलाने के प्रति काफी आशावादी दिखे। संस्थान-उद्योग साझेदारी प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए सीयूएसबी के माननीय कुलपति प्रो. के.एन. सिंह, प्रो. रिजवानुल हक और अन्य संबंधित संकाय सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया है।

इस अवसर पर बायोटेक विभाग के प्रमुख प्रो. दुर्ग विजय सिंह, प्रो० रिज़वानुल हक़, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. जावेद अहसन, डॉ. कृष्ण प्रकाश, आईक्यूएसी के अध्यक्ष प्रो. वेंकटेश सिंह, प्रॉक्टर प्रो. उमेश कुमार सिंह सहित विश्वविद्यालय के प्रमुख, संकाय सदस्य, अधिकारीगण, शोधार्थी और छात्र उपस्थित थे । वास्तु विहार बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड में कार्यरत अधिकारी एवं शोधार्थी भी समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर समारोह में उपस्थित थे और इसके बाद तकनीकी सत्र आयोजित है

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