15वें वित्त याओग की राशि बंदर बांटो में तब्दील रंगीन होती है पीसीसी पास हो जाती है बिल



भुपेन्द्र पान्डेय

गिद्धौर:-(चतरा)प्रखंड के अंतर्गत बारियातू पंचायत में स्थित लोहडी एक गांव है जहां पर अधिकारियों को पहुंचना मुश्किल होता है। क्योंकि मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर की दूरी है।एवं जंगली क्षेत्र है।बताते चलें कि ठेकेदार से लेकर जनप्रतिनिधि तक मनमानी तरीके से 15वें वित्त आयोग की राशि या मनरेगा की राशि का उपयोग अपनी मर्जी से करके बंदरबांट कर मनमर्जी तरीके से लोग अपनी अपनी जेब भर रहे हैं।हाल ही में करीबन 10 दिन पहले 15वें वित्त आयोग की राशि से 200 फीट लंबी पी सी सी रोड का निर्माण किया गया। ग्रामीणों द्वारा लिखित आवेदन वीडियो को भी सौंपा गया है और मीडिया को भी।लेकिन जब मिडीया लोग पहुंचे और रोड को जब निरीक्षण किया तो हाथ से ही पीसीसी रोड कोड़ा जाता है। ग्रामीणों से जब पूछताछ की गई तो कुछ भी कहने से मुंह फेर लेते हैं।और छोटी मोटी शब्दों में कहते हैं कि निरीक्षण करने यहां कोई नहीं पहुंचता।और इस प्रकार से बारियातू में योजना देखी जाए।तो ऐसी अनेकों योजनाएं हैं।जो उच्च अधिकारी योजना की जांच करें। तो दूध का दूध और पानी का पानी दिखेगा।परंतु इसे देखने अब तक कोई नहीं आया।और आज भी लोग मनमाने तरीके से काम को निपटा रहे हैं। एवं सरकार का दी हुई राशि हजूर में खर्च कर गिने चुने लोग अपनी जेब भरते हैं जिसमें अधिकारी से लेकर के जनप्रतिनिधि भी सम्मिलित हैं।

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