बिहार:पुरे बिहार के सभी जिला मुख्यालय पर अभाविप का धरना-प्रदर्शन।



गया में आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा जिला मुख्यालय,गया में धरना प्रदर्शन किया गया आयोजन आज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा निगरानी के छापामारी के बाद निरंतर मांग कि जा रही है कि मगध विश्वविद्यालय के कुलपति सहित अन्य कर्मियों/अधिकारियों को उसके पद से हटाया जाये एवं गिरफ्तार कि जायें। मालूम हो कि मगध विश्वविद्यालय के भ्रष्ट कुलपति एवं उनके सहयोगीयों का करतूत तो सर्व विदित ही है लेकिन उसके बाद भी भष्टाचारीयों कि गिरफ्तारी और उन्हे ना हटाना ये सवाल के घेरे में है। अखबारों में प्रतिदिन इस विश्वविद्यालय की वित्तीय अनियमितता व लूट खसोट की सुर्खियां सामने आ रही है। इस आलोक में यह भी विदित ही होगा कि इस मामले को सबसे पहले अभाविप मगध विश्वविद्यालय के कार्यकर्ता द्वारा ही प्रकाश में लाया था। अभाविप द्वारा उच्च न्यायालय में दायर पी• आई• एल के आलोक में उच्च न्यायालय के निर्देश पर निगरानी द्वारा की गई छापामारी में कुलपति के आवास से करोड़ों रुपए, विदेशी मुद्रा और जेवरातों की बरामदगी शिक्षा के पावन मंदिर को लूटने का स्पष्ट प्रमाण है।इसके बाबजूद अभी तक मगध विश्वविद्यालय के कुलपति को पद से नहीं हटाया जाना आश्चर्यजनक है।वही अभाविप के मगध विश्वविद्यालय संयोजक सूरज सिंह ने कहा कि मगध विश्वविद्यालय के कुलपति जैसा भष्ट कुलपति पूरे देश में कोई नही होगा,इतने बढें मामले हो जाने के बावजूद भी इनकी और इनके सहयोगीयों कि गिरफ़्तारी ना होना और उन्हे पद से ना हटाना समझ से परें है सवाल यह है कि इस भष्ट कुलपति को संरक्षण दे कौन रहा है,जब पुरा भ्रष्टाचार सामने है तो फिर इन्हे हटाने के जगह छुठी पर कैसे भेजा गया है। इसे सरकार और राजभवन बिहार को बतलायें। शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने बाले ऐसे लोगो को फांसी देनी चाहिए। वही राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य वंदन भगत ने कहा कि मगध विश्वविद्यालय के भ्रष्ट कुलपति को कही कही बडे भष्टाचारी का संरक्षण है इन्हीं कारणों से इनकी गिरफ्तारी या हटाया नहीं जा रहा, आज इस भ्रष्ट कुलपति एवं उनके सहयोगियों के कारण पूरे भारत में मगध विश्वविद्यालय की गौरवान्वित छवि धूमिल होने का कारण बनी है लेकिन उसके बावजूद भी बिहार की सरकार और कुलाधिपति महोदय द्वारा इनकी गिरफ्तारी ना कराना और ना हटाना यह दोनों पर सवाल खड़े कर रही है। साथ ही परिषद मांग करता है कि भष्ट कुलपति द्वारा हाल ही में किए गए तमाम ट्रांसफर पोस्टिंग एवं नियुक्तियो को अभिलंब निरस्त किया जाए।वही प्रदेश कार्यकारिणी व कार्यक्रम प्रमुख सदस्य राहुल कुमार ने कहा कि हम सभी को पहले से ही विश्वास था कि मगध विश्वविद्यालय के कुलपति भ्रष्ट है विद्यार्थी परिषद सर्वप्रथम भ्रष्ट कुलपति के खिलाफ मोर्चा खोले थे लेकिन परिषद के कार्यकर्ता पर हमला कर इस मोर्चे को दबाने का प्रयास कुलपति के द्वारा किया गया था लेकिन मगध विश्वविद्यालय के भ्रष्ट कुलपति के खिलाफ हमले के बाद भी विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता मोर्चा खोले रहे जिसका परिणाम आज जग जाहिर है अगर जल्द से जल्द मगध विश्वविद्यालय के कुलपति एवं उनके सहयोगीयों को गिरफ्तारी नहीं की जाता है तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पूरे बिहार में चरणबद्ध आंदोलन करने के बाद होगी।
वही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् महामहिम से निम्न मांग करती है_
1)मगध विश्वविद्यालय के कुलपति सहित निगरानी द्वारा अनुसंधान के क्रम में नामित अन्य कर्मियों पदाधिकारियों को अविलंब बर्खास्त किया जाय।इनके पद पर बने रहने से साक्ष्यों से छेड़छाड़ की प्रबल संभावना है,जिससे आगे जांच की दिशा एवं दशा प्रभावित हो सकती है।
2) शैक्षिक परिसर को कलंकित करने वाले इन लोगों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
3)बिहार के कमोबेश हर विश्वविद्यालय में इस प्रकार की वित्तीय अराजकता एवं अनियमितता की आशंका को देखते हुए किसी निष्पक्ष एजेंसी को इसकी जांच का जिम्मा सौंपा जाय।इसके साथ ही साथ उक्त परिस्थितियों व मांगों के आलोक में शीघ्र कदम उठाने कि मांग करता है, ताकि प्रदेश के उच्च शिक्षा का परिसर कलंकित होने से बचे और सरकारी धन के लूट खसोट को रोका जा सके।इस धरना-प्रदर्शन में विभाग संगठन मंत्री पशुपतिनाथ पारस,राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य वंदन भगत,प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मंतोष सुमन,विश्वविद्यालय संयोजक सूरज सिंह,विभाग संयोजक अमन मिश्रा,विश्वविद्यालय सोशल मीडिया प्रमुख अनिरुद्ध सेन,प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राहुल कुमार,सुबोध पाठक,रंजीत कान्त कुमार,नगर मंत्री सत्यम कुशवाह,विश्वविद्यालय छात्रावास प्रमुख अजित कुमार,बोधगया नगर मंत्री अमन शेखर,मानपुर नगर मंत्री सुजीत कुमार,दिनेश कुमार,गौतम कुमार,विक्की कुमार,अभिषेक आर्य,विशाल शेखर,विकास कुमार,सौरभ कुमार,रोहित पांडे,अंकुश राज,अभिजीत मौर्य आदी छात्र नेता मौजूद रहें।

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