Dhanbad:वैश्विक महामारी कोरोना काल में गैर सरकारी शिक्षकों की दशा अत्यंत भयावह, केंद्र और राज्य सरकार को इस दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए:डॉ परमानंद मोदी

धनबाद, भारतीय गैर सरकारी शिक्षक संघ की सप्ताहिक वर्चुअल मीटिंग आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य रूप से कोरोना के मद्देनजर बदलते परिवेश में ग्रामीण बच्चों की शिक्षा में आने वाली कठिनाइयों पर सरकार की भूमिका विषय पर लोगों को अपने सुझाव देने के लिए आमंत्रित किया गया।बैठक में विशिष्ट अतिथि के रुप में रजनीकांत भी मौजूद थे।जो वित्त विषय के रिटायर्ड असिस्टेंट प्रोफेसर हैं और वर्तमान में भारत सरकार में दूरभाष परामर्श समिति के मेंबर भी हैं। इन्होंने संगठन की तारीफ करते हुए कहां आज प्राइवेट शिक्षकों के लिए ऐसी संगठन की अति आवश्यकता है, जिसका निर्माण संगठन के संस्था, डॉक्टर परमानंद मोदी ने किया ।मैं उन को तहे दिल से धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने एक अच्छी सोच रखी | संगठन के लिए मुझ से जहां तक जो भी सहयोग होगा मैं करने को तैयार हूं |बैठक में प्रत्येक राज्य से एक-एक प्रतिनिधि को भी अपने विचार रखने के लिए आमंत्रित किया गया, जिसमें विभिन्न प्रतिनिधियों ने संगठन में आनेवाले समय में कार्य करने की उनकी क्या योजनाएं हैं इस बात पर प्रकाश डाला गया ।बैठक में मुख्य रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष , परमानंद मोदी , राष्ट्रीय उपाध्यक्ष , रंजीत श्रीवास्तव , राष्ट्रीय महासचिव, मनोरंजन गोस्वामी, राष्ट्रीय अध्यक्षा, श्रीमती हरप्रीत कौर,प्रदेश प्रवक्ता,आर एन चौरसिया भी मौजूद थे। मुख्य वक्ताओं में, पी डी सिंह, सुनील शर्मा, मुकुल , देव प्रधान, अनिल कुमार शर्मा, संदीप अग्रवाल, तन्मय दास, रवीन्द्र, सुश्री वर्षा पांडेय, आर बी निराला , रबीन्द्रनाथ प्रामाणिक , अमित , टिंकू मुखर्जी, रीना , मुकुल महापत्र, प्रभाकर मिश्रा, लालटू गोराई, आकाश महापात्र, देवीदत्त प्रधान, बरून मंडल,अनूप गिरी आदि मौजूद थे। इस वर्चुअल मीटिंग के अंत में अपने संबोधन ने राष्ट्रीय अध्यक्ष , परमानंद मोदी ने कहा कि
भारत सरकार के भी मस्तिष्क में यह बात डाली जाए कि जिन शिक्षकों को भगवान ने भी श्रेष्ठ माना है, उनकी स्तिथि को सुधारने के लिए जरूरी कदम उठाए जाए। चुकी माता पिता के बाद अगर कोई बच्चों का दूसरा भगवान है तो वह है, प्राइवेट स्कूल के शिक्षक। जो बच्चों को नैतिक और सामाजिक ज्ञान का बोध कराता है। आज वही शिक्षक तंग हाली में अपना जीवन व्यतीत करने को मजबूर है। सरकार को अविलंब इन गैर सरकारी शिक्षको के लिए भारत के संविधान पटल पर गंभीरता से विचार करते हुये उनकी आर्थिक दशा को सुधारने के लिये ठोस पहल करनी चाहिए।
सभा के अंत में धन्यवाद् ज्ञापन करते हुये राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, रंजीत श्रीवास्तव ने कहा की संगठन में सभी पदाधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी को अच्छी तरह समझनी चाहिए।इसके अलावे उन्होंने आगे कहा की धरातल से जुड़कर हम सबों को हर समय संगठन की सेवा के लिए तत्पर रहना होगा। तभी यह संगठन आने वाले समय मे अपने उदेश्यों में सफल हो पायेगा।

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