धनबाद जज मौत मामले की जांच रिपोर्ट से झारखंड हाई कोर्ट नाराज CBI को लगाई फटकार



धनबाद जज मौत मामले में सीबीआई जांच से झारखंड हाई कोर्ट नाराज है. कोर्ट ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि जांच में कोई आगे बढ़ ही नहीं रहा है. जांच जहां थी वहीं अटकी हुई है. कोर्ट ने जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए.


रांचीः धनबाद जज उत्तम आनंद की मौत मामले की सीबीआई जांच बिंदु पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. अदालत ने सीबीआई द्वारा दी गई जांच की प्रगति रिपोर्ट को देखने के पश्चात कड़ी नाराजगी व्यक्त की. अदालत ने अधिकारी से जानना चाहा कि यह जांच रिपोर्ट सिर्फ ऑटो ड्राइवर के इर्द-गिर्द ही क्यों घूम रही है. एक ऑटो ड्राइवर किसी जज को क्यों मारेगा. आखिर उसका क्या फायदा हो सकता है, कहीं इस ऑटो ड्राइवर के पीछे कोई बड़ी हस्ती तो नहीं है. सीबीआई इस बिंदु पर जांच को भी आगे बढ़ाए. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को निर्धारित की है. इस बीच सीबीआई को इस बिंदु पर जांच कर अदालत में प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा है.


झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन और न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में धनबाद जज मौत मामले की सुनवाई हुई. मामले की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई. हाई कोर्ट के आदेश के आलोक में सीबीआई के जोनल डायरेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में हाजिर हुए जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश की. जानकारी देते अधिवक्तासीबीआई की प्रगति रिपोर्ट देखने के पश्चात अदालत ने काफी असंतोष जताया. कोर्ट ने अधिकारी से पूछा कि प्रगति रिपोर्ट देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि सीबीआई जांच में कोई आगे नहीं बढ़ पा रहा है. 2 लोगों की गिरफ्तारी अभी तक हुई है. जांच वहीं की वहीं है. ऑटो चालक ने जज को क्यों धक्का मारा, इस बात को सुलझाने के लिए कोई प्रयास नहीं दिख रहा है. वास्तव में क्या हुआ. इस हत्या के पीछे किसी बड़ी हस्ती की साजिश तो नहीं. इस बिंदु पर भी सीबीआई को जांच करनी चाहिए. अधिकारी के द्वारा कुछ सकारात्मक जवाब पेश नहीं किया गया. अदालत ने उनके जवाब पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायिक पदाधिकारी की मौत हुई है. मामले की तेजी से जांच हो और कुछ परिणाम सामने आए. बता दें कि धनबाद के जज उत्तम आनंद के मॉर्निंग वॉक के दौरान धनबाद के रणधीर सिंह वर्मा चौक के पास टेंपो से टक्कर मारने के बाद मौत हो गई थी. मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी संज्ञान लिया था और हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लिया था. सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाई कोर्ट को मामले की जांच की मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया है. इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है.

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