बिहार: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को फिर से विलय हुए पार्टी के बारे मे विचार करनी चाहिए रविन्द्र कुमार

समता पार्टी के प्रखंड मीडिया प्रभारी रविन्द्र कुमार मंडल छातापुर से यह जानकारी देते हुए बताया है कि? विपक्षी दल यदि बिहार में नीतीश कुमार के प्रभाव को कम करना चाहते हैं। उन्हें समता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव उदय मंडल को आगे करना चाहिए क्योंकि नीतीश कुमार का मुख्य वोट बैंक लव – कुश (कुर्मी + कुशवाहा) हैं। कुर्मी और कुशवाहा की जनसंख्या से अधिक बिहार में धानुक समाज की जनसंख्या है। उदय मंडल धानुक समाज मे उभरते हुए युवा नेता हैं और यदि पार्टी वही पार्टी है जिसे वर्ष 1994 में जॉर्ज फर्नान्डिस और नीतीश कुमार ने बनाया था, बिहार में नीतीश कुमार सबसे पहले मुख्यमंत्री इसी पार्टी से बने थे। बीते दिनों नीतीश कुमार ने रालोसपा का विलय जदयू में किया है, लोजपा को तोड़ने में भी उन्हीं की चाल है। इसलिए यदि जदयू का प्रभाव खत्म करना है तो उन्ही के द्वारा बनाई गई पार्टी समता पार्टी को फिर से लाना होगा। नीतीश कुमार से अब धानुक समाज का मोह भंग हो रहा है और धानुक समाज मे उदय मंडल एक बड़े नेता बन कर उभर रहे हैं ऐसे में विपक्षी दलों को मिलकर उदय मंडल का समर्थन करना चाहिए जिससे बिहार में 10.5% धानुक समाज का वोट उनसे साथ आ सके। सभी विपक्षी दलों को एक बार जरूर सोंचना चाहिए।

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